हे रामचंद्र कृपालु, मन तेरा नाम पुकारे, तेरे चरणों में आकर, मिट जाए दुख हमारे। कमल समान नयन तेरे, मुख पर दिव्य उजाला, तेरी कृपा जो मिल जाए, जीवन हो खुशहाला॥ जय श्रीराम, जय श्रीराम, रघुवर जय श्रीराम। दीनों के तुम हो सहारे, मेरे प्रभु श्रीराम॥ नील गगन सा रूप तुम्हारा, पीतांबर मनभावन, माथे तिलक सुहाए प्रभु, सुंदर लगे मनोहर तन। जनक दुलारी सीता संग, शोभित रूप निराला, जिसने दिल से नाम लिया, उसका तू रखवाला॥ जय श्रीराम, जय श्रीराम, रघुवर जय श्रीराम। दीनों के तुम हो सहारे, मेरे प्रभु श्रीराम॥ दशरथ नंदन, रघुकुल भूषण, धर्म की ज्योति जलाओ। भटके हुए मनुष्यों के, जीवन पथ दिखलाओ। तेरी भक्ति में मन रम जाए, तेरा नाम रहे हर साँस, राम नाम की धुन में बीते, जीवन का हर एक पल खास॥ जय श्रीराम, जय श्रीराम, रघुवर जय श्रीराम। सीता-राम, सीता-राम, जय जय श्रीराम॥ 🚩🙏