
गौरी नंदन, मंगल कंदन, असुर निकंदन, हेरंब प्रभु। विद्या वारिधि, बुद्धि दाता, एकदंत, गौरेय प्रभु।I ज्ञान प्रकाशम, जगन्नाथम, महाबल, मुक्ताय प्रभु। हे दुख हर्ता, सर्व सुख कर्ता, सुप्रसन्न, गौरेय प्रभु।I लंबोदर हे, मोदक प्रियवर, विघ्न विनाशक, सिद्धि प्रदाता। भालचंद्र हे, कृपा सिंधु प्रभु, सब सुख दाता, भाग्य विधाता।। मोदक भोग लगे अति सुंदर, मूषक वाहन, हे जगदाता। चरण कमल में शीश नवाएँ, हम पर कृपा करो हे त्राता।। सिद्धि विनायक, गणपति, गणनायक, अमित, अमेया, अविघ्न प्रभु। हे शिव नंदन, पाप निकंदन, सर्वेश्वर, प्रथमेश प्रभु।। जीवन की नैया पार लगैया, धूम्रकेतु, श्रीगणेश प्रभु। कष्ट निवारो, भक्तों को तारो, सुधि न बिसारो, हे योगेश प्रभु।।

