(मुखड़ा) रंगों की बौछार, आई होली की बहार, दिल से दिल ये मिले, है खुशियों का त्योहार। (अंतरा 1) गली-गली में धूम मची, ढोल की थाप बाजे, गुलाल उड़ाते सब, देखो कैसे सब साजे। पीले, नीले, लाल रंग, हर चेहरे पे मुस्कान, भूले-बिसरे सब शिकवे, आज है सबका सम्मान। (मुखड़ा) रंगों की बौछार, आई होली की बहार, दिल से दिल ये मिले, है खुशियों का त्योहार। (अंतरा 2) पिचकारी से रंग बरसे, भीगे सब यार-दोस्त, बचपन की यादें ताज़ा, हर दिल में है जोश। मिठाईयों की खुशबू, और भांग की मस्ती, नाचो गाओ सब मिलके, ये है होली की हस्ती। (मुखड़ा) रंगों की बौछार, आई होली की बहार, दिल से दिल ये मिले, है खुशियों का त्योहार। (अंतरा 3) राधा-कृष्ण के रंग में, रंग जाओ सब साथी, प्रेम और भक्ति का ये, अनोखा है नाती। होली का दहन सिखाए, बुराई पे जीत सदा, सच्चाई की राह पे चलो, यही है अपनी सदा। (मुखड़ा) रंगों की बौछार, आई होली की बहार, दिल से दिल ये मिले, है खुशियों का त्योहार। (समापन) रंग बरसे, रंग बरसे, हर तरफ रंग बरसे, होली के इस पावन पर्व पे, दिल खुलकर हँसे। सबको मुबारक हो ये त्योहार, रहो सदा खुशहाल, होली है, होली है, यही है अपना हाल!


