
[Verse 1] नीम की छाँव तले कान्हा चुपचाप बैठे मोरपंख भी भीगा है अँखियों में रात गहरे गोपियों की हँसी अब दूर कहीं खो गई राधा का नाम लेकर साँसें भी रो पड़ीं [Pre-Chorus] ब्रज की हवा भी पूछे कहाँ गई वो प्रीत मुरली की हर तान में बिछड़न की है रीत [Chorus] राधा-राधा, मन पुकारे कान्हा का हर साँस नाम ले राधा-राधा, रात न माने कान्हा रोए, फिर भी थामे (राधा) (राधा) काजल-सी रातें आईं मन का सूनापन रहा राधा-राधा, मन पुकारे कान्हा रोए राधा के बिना [Verse 2] यमुना के किनारे पगडंडी सूनी है कदंब की हर डाली आज बहुत रुई है गुड़िया-सी वो यादें हृदय में बोलतीं राधा की एक हँसी पर दुनिया भी डोलतीं [Pre-Chorus] श्याम सलोने पूछें कब तक ये दूरी रहे प्रेम की इस आग में कब तक ये चुप्पी सहे [Chorus] राधा-राधा, मन पुकारे कान्हा का हर साँस नाम ले राधा-राधा, रात न माने कान्हा रोए, फिर भी थामे (राधा) (राधा) काजल-सी रातें आईं मन का सूनापन रहा राधा-राधा, मन पुकारे कान्हा रोए राधा के बिना [Bridge] अब तो मिलन का दीप जला अब तो उजाला दे सूनी हथेली पर मेरे राधा का प्याला दे एक बार जो मुस्का दे फिर से बसंत खिले कान्हा की इस वेदना में प्रेम के फूल खिले [Final Chorus] राधा-राधा, मन पुकारे कान्हा का हर साँस नाम ले राधा-राधा, रात न माने कान्हा रोए, फिर भी थामे (राधा) (राधा) काजल-सी रातें आईं मन का सूनापन रहा राधा-राधा, मन पुकारे कान्हा रोए राधा के बिना राधा-राधा, मन पुकारे कान्हा रोए राधा के बिना

