
फागुन की आई है बहार, दिल में मचा है गुलाल सा प्यार, हवा में घुली मीठी सी बात, आज ना कोई रहे उदास... रंगों की बारिश है, भीगे अरमान, तेरे मेरे नाम का उड़ता गुलाल, हँसी की पिचकारी, सपनों की धार, होली में मिल जाएँ दिल इस बार अरे रंग लगा दे, मुझे अपने नाम का, आज ना बचूँ मैं तेरे इस जाम का! तेरी आँखों में नीला सा रंग, मेरे गालों पे लाल उमंग, भीगी चुनरिया, हँसता गगन, छुप छुप के देखे मेरा सजन। ढोल की थाप पे धड़के जिया, तू जो छुए तो लगे दिया, भीड़ में भी तू ही दिखे, जैसे राधा को श्याम मिले। रंगों की बारिश है, भीगे अरमान, तेरे मेरे नाम का उड़ता गुलाल, हँसी की पिचकारी, सपनों की धार, होली में मिल जाएँ दिल इस बार गली गली में मचे है शोर, “होली है!” बोले हर एक छोर, मीठी गुजिया, ठंडाई साथ, नाचे सारा गाँव आज रात। पीले, हरे, गुलाबी रंग, सपनों में भर दें नई उमंग, रूठे भी आज मना लें हम, गले मिलें और भूलें ग़म। रंग जो चढ़े ये प्यार वाला, उतरे ना उम्र भर ये निराला, हाथों में हाथ, भीगी सी रात, हो जाएँ एक, मिट जाएँ बात। रंगों की बारिश है, भीगे अरमान, दिल से दिल तक जाए पैगाम, आज ना कोई रहे अनजान, होली में बस हो प्यार ही प्यार

