
श्याम... ओ श्याम... तेरी राह निहारूँ मैं, तेरे नाम को पुकारूँ मैं... मोहे वृंदावन बुला ले श्याम, तेरे चरणों में मिले आराम। राधे-राधे नाम जपूँ मैं, तेरी भक्ति में खो जाऊँ मैं। मोहे वृंदावन बुला ले श्याम, तेरे चरणों में मिले आराम। यमुना किनारे ठंडी हवा, तेरा ही नाम सुनाए। मुरली की मीठी तान सुनूँ, मन मेरा दौड़ा जाए। फूलों से सजी वो गलियाँ, हर कण तेरा धाम। आँखों में बस तू ही तू है, होंठों पे तेरा नाम। मोहे वृंदावन बुला ले श्याम, तेरे चरणों में मिले आराम। जब मन मेरा घबराए, तेरी याद मुझे सहलाए। दुनिया चाहे दूर करे, तू अपना बनकर बुलाए। ना धन माँगूँ, ना मैं मान, बस दे देना अपना ध्यान। राधा नाम की छाँव मिले, तेरे चरणों में मेरा प्राण। राधे-राधे गाऊँ मैं, श्याम-श्याम हो जाऊँ मैं। हे नंदलाला, हे गिरधारी, तू ही मेरी दुनिया सारी। टूटे मन को तू संभाले, अँधियारे में दीप जला दे। तेरी कृपा की एक नज़र हो, जीवन मेरा तेरा सफर हो। मोहे वृंदावन बुला ले श्याम, तेरे चरणों में मिले आराम। राधे-राधे नाम जपूँ मैं, तेरी भक्ति में खो जाऊँ मैं। मोहे वृंदावन बुला ले श्याम, मोहे वृंदावन बुला ले श्याम। राधे... राधे... श्याम... श्याम... राधे... राधे... श्याम...

