
ओ कान्हा, एक बार आना
🦚 ओ कान्हा, एक बार आना [इंट्रो — बाँसुरी] ओ कान्हा… ओ कान्हा… तेरी मुरली की मीठी धुन, मन में प्रेम जगाए… [मुखड़ा] ओ कान्हा, एक बार आना, मेरी पलकों में बस जाना… मुरली की तान सुनाके, मेरे जीवन को महकाना… ❤️ ओ कान्हा… ओ कान्हा… तेरी राह निहारूँ मैं… ओ कान्हा… ओ कान्हा… तेरे रंग में रंग जाऊँ मैं… [अंतरा 1] साँझ ढले जब रंग सुनहरा, आसमान पर छा जाए, तेरी याद की एक लहर फिर, मन के द्वार पे आए… चुपके से तेरी छवि बनाऊँ, मन की कोरी पाती पर, तेरा नाम लिखते ही मोहन, फूल खिलें हर बाती पर… मेरा कोई नहीं है कान्हा, तुम्हारे सिवा इस जग में, सारी दुनिया बेगानी लगे, जब तू ना हो संग में… ❤️ [मुखड़ा] ओ कान्हा, एक बार आना, मेरी पलकों में बस जाना… मुरली की तान सुनाके, मेरे जीवन को महकाना… [अंतरा 2] तेरी मूरत मन में बसती, आँखों में छवि तेरी, तेरे नाम की धुन से मोहन, महके साँसें मेरी… तेरी एक झलक मिल जाए तो, मिट जाए मन की दूरी, तेरी कृपा से पूरी लगती, जीवन की हर मजबूरी… तेरी छाया साथ रहे तो, हर डर पीछे छूटे, तेरा हाथ अगर सिर पर हो तो, सूखे फूल भी खिल उठें… [ब्रिज — Musical Build] जब भी मन मेरा घबराए, तेरा नाम सुकून दिलाए, तेरी छाया साथ रहे तो, हर मुश्किल आसान हो जाए… ओ कान्हा… ओ कान्हा… मेरी आस तू… मेरी साँस तू… [Grand Final] ओ कान्हा, एक बार आना, मेरी पलकों में बस जाना… मुरली की तान सुनाके, मेरे जीवन को महकाना… ❤️ ओ कान्हा… ओ कान्हा… तेरी राह निहारूँ मैं… ओ कान्हा… ओ कान्हा… तेरे रंग में रंग जाऊँ मैं… [Outro — बाँसुरी] ओ कान्हा… मेरे कान्हा… एक बार आना… ❤️ 🦚🎶

