
मैया करा दे मेरो ब्याह | Radha Krishna bhajan | Janmashtami Special 2026
राधिका गोरी से, बिरज की छोरी से, मैया करा दे मेरो ब्याह रे। नंद के लाला से, माखन के प्याला से, मैया मिला दे मेरो मनमीत रे। अरी मैया सुन ले बात, श्याम बिना कटे ना रात, मोर मुकुट वाला मन भा गयो, अब तो कर दे मेरी बात रे। यमुना किनारे कान्हा आए, मीठी-मीठी बंसी बजाए, देख के उनको राधा बोले, काहे मोहे इतना सताए। कान्हा हँसके बोले राधे, तू ही तो मेरे मन की आधी, तेरी चुनरी, तेरी चूड़ी, सबसे प्यारी लागे राधे। राधिका गोरी से, बिरज की छोरी से, मैया करा दे मेरो ब्याह रे। नंद के लाला से, माखन के प्याला से, मैया मिला दे मेरो मनमीत रे। मैया बोली अरी नादानी, कान्हा की तो चाल सयानी, आज इधर और कल उधर है, कैसे मानूँ तेरी कहानी। राधा बोली झूठी मैया, कान्हा मोरे मन का छैया, माखन चोरी चाहे करता, दिल की चोरी सबसे भैया। अरी सखियों बजाओ ताली, आज बनेगी जोड़ी निराली, राधे-राधे गूँजे गोकुल, नाचे ब्रज की हर एक गली। श्याम-श्याम सब बोलो रे, प्रेम की डोरी खोलो रे, आज नंद के घर उत्सव है, मिलके माखन घोलो रे। राधे बोले आ जा श्याम, श्याम बोले राधे नाम, दोनों की ये प्रेम कहानी, गाए सारा ब्रजधाम। राधिका गोरी से, बिरज की छोरी से, मैया करा दे मेरो ब्याह रे। राधे नाम की चुनरी ओढ़ा दे, श्याम रंग में रंग दे आज रे। राधे बोले आ जा श्याम, श्याम बोले राधे नाम, प्रेम रंग में रंगा है गोकुल, जय हो राधे, जय श्री श्याम।

