
बरसाने की राधा प्यारी, लागे सबसे न्यारी वृषभानु की राजदुलारी, सबकी है आंखों की तारा बरसाने की राधा प्यारी... [Antara 1] सोने जैसी काया तेरी, चंदा जैसा रूप है तेरे आगे फीका लागे, सारा ब्रज का धूप है तेरी नथनी का हीरा चमके, जैसे चमके तारा बरसाने की राधा प्यारी... लागे सबसे न्यारी वृषभानु की राजदुलारी, सबकी है आंखों की तारा बरसाने की राधा प्यारी... [Antara 2] तेरी गली में आके राधे, श्याम भी शीश झुकाते हैं तेरे इशारे पर ही तो, सारे काम बन जाते हैं तेरे बिना बरसाना सूना, सूना है ब्रज सारा बरसाने की राधा प्यारी... लागे सबसे न्यारी वृषभानु की राजदुलारी, सबकी है आंखों की तारा बरसाने की राधा प्यारी... [Antara 3] होली में जब रंग उड़े, बरसाने में राधे लट्ठ मार के होली खेले, सारी सखियां साथे देखने को तेरी होली, आता जग है सारा बरसाने की राधा प्यारी... लागे सबसे न्यारी वृषभानु की राजदुलारी, सबकी है आंखों की तारा बरसाने की राधा प्यारी...

