
श्रीमहालक्ष्मीमहास्तोत्रम् Final
# **समापन (Finale) – श्रीमहालक्ष्मीमहास्तोत्रम् (मौलिक)** [Grand Finale] जय जय श्रीमहालक्ष्मि। जय कमलालये शुभे। जय हरिवल्लभे देवि। प्रसीद करुणामयि॥ श्रीं... श्रीं... श्रीं... ह्रीं... ह्रीं... ह्रीं... क्लीं... क्लीं... क्लीं... ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः। ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः॥ --- [Prayer] त्वमेव श्रीः। त्वमेव शक्तिः। त्वमेव भक्तिः। त्वमेव गतिः॥ त्वमेव माता। त्वमेव दाता। त्वमेव नाथा। नमो नमः॥ --- [Devotional Chorus] प्रसीद प्रसीद कमलालये। प्रसीद प्रसीद हरिवल्लभे। प्रसीद प्रसीद जगदम्बिके। प्रसीद प्रसीद महेश्वरि॥ जय जय श्रीमहालक्ष्मि। जय जय श्रीमहालक्ष्मि। जय जय श्रीमहालक्ष्मि॥ --- [Meditation Chant] श्रीं श्रीं श्रीं श्रीं। ह्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं। क्लीं क्लीं क्लीं क्लीं। श्रीं ह्रीं क्लीं। श्रीं ह्रीं क्लीं। श्रीं ह्रीं क्लीं। महालक्ष्म्यै नमः॥ --- [Benediction] सर्वेषां मङ्गलं भूयात्। सर्वेषां श्रीर्विवर्धताम्। सर्वेषां शान्तिरस्तु। सर्वेषां भक्तिरस्तु॥ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु। मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्॥ --- [Final Refrain] जय जय श्रीमहालक्ष्मि। कमलासनवासिनि। जय जय हरिप्रिये। भक्ताभीष्टप्रदायिनि॥ ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः। ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः। ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः॥ --- [Outro – Fade] जय जय श्रीमहालक्ष्मि। जय जय कमलालये। जय जय जगन्माते। नमो नमः। नमो नमः॥ ॐ शान्तिः। शान्तिः। शान्तिः॥

