
[Verse 1] ढलती हुई इस शाम में, यादों की एक पहेली है। बहका हुआ सा मन मेरा, तन्हाईयाँ भी अकेली हैं। न जाने कहाँ मैं खो गया, ये कैसी हवा चली। बीतते नहीं ये दो पल, सूरज ने भी साथ छोड़ा है। [Pre-Chorus] चाँदनी खिलने में अभी बाकी थोड़ा-थोड़ा है। साये भी छुप गए कहीं, कोई नहीं है आसपास। [Chorus] ढलती हुई इस शाम में, यादों की एक पहेली है। ढलती हुई इस शाम में, दिल में छुपी ये प्यास ही है। एक नज़र की वो पुरानी, अब भी मुझमें जाग रही। ढलती हुई इस शाम में, यादों की एक पहेली है। [Verse 2] चाँद भी इस आसमां से, क्या बातें करता होगा? ऐसी उदास शामों से, वो भी तो डरता होगा। सोचूँ कि दिल बहला लूँ, पर कुछ सूझता ही नहीं। उस पहली नज़र के सिवा, कुछ याद आता ही नहीं। [Pre-Chorus] न कोई शिकवा बचा है, न कोई फरियाद है। अबोल उस मोहब्बत का, बस एक हसीं अहसास है। [Chorus] ढलती हुई इस शाम में, यादों की एक पहेली है। ढलती हुई इस शाम में, दिल में छुपी ये प्यास ही है। एक नज़र की वो पुरानी, अब भी मुझमें जाग रही। ढलती हुई इस शाम में, यादों की एक पहेली है। [Bridge] खामोशियों के बीच कहीं, तेरा नाम उतरता है। जो छूट गया था रास्ते में, वो फिर से क्यों ठहरता है? [Chorus] ढलती हुई इस शाम में, यादों की एक पहेली है। ढलती हुई इस शाम में, दिल में छुपी ये प्यास ही है। एक नज़र की वो पुरानी, अब भी मुझमें जाग रही। ढलती हुई इस शाम में, यादों की एक पहेली है।

