
[Verse] पवनपुत्र तुम बल के सागर, राम नाम के सच्चे सेवक। जहाँ पुकारूँ वहाँ चले आओ, दुख हर लो मेरे दयालु। [Chorus] जय बजरंगबली, जय हनुमान, तेरी महिमा गाए सारा जहान। रामदूत, अंजनी के लाल, कर दो सबका जीवन निहाल। [Verse] सिंदूर रंग में शोभा न्यारी, हाथ में गदा, शक्ति तुम्हारी। भक्तों की तुम लाज बचाओ, हर पल अपना साथ निभाओ। [Bridge] ना धन चाहूँ, ना मैं मान, बस मिलता रहे तेरा ध्यान। राम भक्ति का दीप जलाओ, मेरे मन में प्रेम बसाओ। [Final Chorus] जय बजरंगबली, जय हनुमान, तेरे चरणों में मेरा सम्मान। राम नाम की ज्योति जला दो, भक्ति से मेरा जीवन सजा दो।

