
(मुखड़ा) भारत माता की जय भारत माता की जय वन्दे मातरम, भारत माता की जय तेरे बच्चों को दुनिया में, बस प्यार से मिलकर रहना है, तेरे लालों को माँ हर पल, तेरे लिए ही जीना-मरना है। तेरे बच्चों को दुनिया में, बस प्यार से मिलकर रहना है, तेरे लालों को माँ हर पल, तेरे लिए ही जीना-मरना है। वन्दे मातरम , भारत माता की जय तूने तो बस प्यार सिखाया, फिर नफ़रत यह क्यों छाई है? एक ही माँ की संतानों में, क्यों यह गहरी खाई है? तेरे प्यार की शक्ति से ही, तेरे लालों ने दुश्मन को धूल चटाई है, माँ तेरी ममता की छाँव तले, दुनिया में इज़्ज़त पाई है। दुनिया में इज़्ज़त पाई है। वन्दे मातरम ,भारत माता की जय तेरे बच्चों को दुनिया में, बस प्यार से मिलकर रहना है, तेरे लालों को माँ हर पल, तेरे लिए ही जीना-मरना है। वक्त पड़ा तो भारत माँ, हम तिरंगे में लिपट जाएँगे, तेरी गोदी में पल-बढ़कर, तेरी मिट्टी में मिल जाएँ तेरी मिट्टी में मिल जाएँ तेरे बच्चों को दुनिया में, बस प्यार से मिलकर रहना है, तेरे लालों को माँ हर पल, तेरे लिए ही जीना-मरना है। महलों और धन-दौलत से माँ, हमको कोई प्यार नहीं, तेरे चरणों में मिल जाए शरण, इससे बड़ा अधिकार नहीं। इससे बड़ा अधिकार नहीं। वन्दे मातरम, भारत माता की जय जात-पात का बंधन न हो, न धर्म नाम पर दहशत हो, भाई से भाई क्यों लड़े, न आपस में कोई रंजिश हो। ज्ञान-शिक्षा की पावन ज्योति, घर-घर में हम जलाएँगे, नफ़रत की जो ऊँची दीवारें, मिलकर हम ही गिराएँगे... मिलकर हम ही गिराएँगे! वन्दे मातरम, भारत माता की जय तेरे बच्चों को दुनिया में, बस प्यार से मिलकर रहना है, तेरे लालों को माँ हर पल, तेरे ही खातिर जीना-मरना है। वन्दे मातरम, भारत माता की जय भेदभाव का भेद मिटाकर, प्रेम का दीप जलाना है, हर भारतवासी भाई को, हँसकर गले लगाना है। तेरी पावन माटी पर माँ, हम सबका ही अधिकार है, तेरे पावन चरणों में माँ, शीश झुकाता संसार है! शीश झुकाता संसार है! तेरे बच्चों को दुनिया में, बस प्यार से मिलकर रहना है, तेरे लालों को माँ हर पल, तेरी लिए ही जीना-मरना है।

