
हमें तुमसे प्यार हो गया (मतला) रफ़्ता-रफ़्ता दिल ये बेकरार हो गया, देखते ही देखते इकरार हो गया। शर्मा के यूँ न तुम नज़रें चुराया करो, इश्क़ है कोई गुनाह — ऐसा न समझो। ज़िंदा-दिली की ये निशानी है सनम, दिल में दबाओगे तो दिल बीमार हो गया। रातों को चुपके-चुपके याद आते हो तुम, ख़्वाबों में पास आकर मुस्कुराते हो तुम। नर्म सी उँगलियों का वो हल्का सा स्पर्श, सोया हुआ दिल फिर बेक़रार हो गया। कल की वो शाम याद है हमें आज भी, जब तुमने आँखों से इशारा कर दिया। नज़र मिली तो दिल में इक बहार आ गई, क्या कहें हमें तुमसे प्यार हो गया। चाय की प्याली, समोसे और वो हँसी, उस एक पल में दिल गुलज़ार हो गया। आँखों में आँखें डाल के तुमने जो कहा, धीरे से दिल ने भी जवाब दे दिया। हमें तो ख़ुद पता न चला उस घड़ी, कब तुमको हमसे और हमें तुमसे प्यार हो गया।

