नीले गगन के नीचे देखो, कितना सुंदर नज़ारा है। पेड़ों की डाली पर बैठी, चिड़ियाँ गुनगुन गाती हैं। एक लाल सिर वाली चिड़िया, डाल-डाल इतराती है। कुछ और चिड़ियाँ आकर यूँ, सन्नाटे को तोड़ गईं। ट्वीट-ट्वीट की मीठी धुन से, हमारे ख़्वाबों को छू गईं। एक नन्ही चिड़िया यूँ आई, जैसे कोई हेलीकॉप्टर हो। लाल जेरैनियम के फूलों से, कुछ बातें करके उड़ गई वो। इतनी प्यारी, इतनी सुंदर, कैसे उसका वर्णन करें। चार इंच का नाज़ुक बदन था, कैसे उसका गुणगान करें। हरा बदन और भूरे पंख थे, नीली गर्दन चमक रही थी। हमने उससे कहा ठहर जा, दो पल हमसे बात तो कर। थोड़ा सा प्यार हमें भी दे जा, फिर तू चाहे फुर्र हो जा। पर बात न उसने मानी, जादू बनकर उड़ गई वो छोड़ गई वो तन्हा हमको, शायद हमसे रूठ गई थी वो मेरे सनम, क्या तुम भी हमसे रूठी हो? अगर हो तो छोड़ो ग़ुस्सा, और गले लग जाओ। आओ कि बाँहों में भर लें तुम्हें हम, अपने जहाँ की मालिका बना लें तुम्हें हम।