[इंट्रो] जियदा का फूल, जियदा का फूल, तू मेरे दिल में रहता है। तेरी खुशबू जब भी आए, घर का सपना कहता है। [कोरस] जियदा का फूल, जियदा का फूल, तेरी याद में मुस्काऊँ मैं। माँ की प्यारी गोद को फिर से, हर दिन कितना चाहूँ मैं। जियदा का फूल, जियदा का फूल, बचपन अपना याद आए। दूर कहीं भी चला जाऊँ, मेरा वतन दिल में समाए। [अंतरा 1] गाँव की राहें जब भी देखूँ, फिर से बच्चा बन जाता हूँ। जियदा की खुशबू हवा में आए, बीते दिन मैं याद करूँ। माँ खड़ी थी उस दरवाज़े, प्यार से मेरा इंतज़ार करे। अपना घर और अपनी गलियाँ, दिल ये कैसे भूल सके। [कोरस] जियदा का फूल, जियदा का फूल, तेरी याद में मुस्काऊँ मैं। माँ की प्यारी गोद को फिर से, हर दिन कितना चाहूँ मैं। जियदा का फूल, जियदा का फूल, बचपन अपना याद आए। दूर कहीं भी चला जाऊँ, मेरा वतन दिल में समाए। [अंतरा 2] साल गुजरें, राहें बदलें, दिल मगर ना भूल पाए। सारी दुनिया घूम भी आऊँ, घर सा कोई मिल ना पाए। जियदा का फूल सदा ही महके, गाँव में अपने गीत सुनाए। मेरे सारे अपने खुश हों, घर में खुशियाँ आती जाएँ। [अंतिम कोरस] जियदा का फूल, जियदा का फूल, तू मेरे दिल की धुन है। माँ, मेरा घर, मेरा वतन, तुमसे मेरी दुनिया है। जियदा का फूल, जियदा का फूल, मीठी यादें साथ रहें। दुनिया में मैं जहाँ भी जाऊँ, मेरा वतन दिल में रहे।


