
होली में रंग डाल दा सैंया, अब ना डराव ना गुलाल लगाव दा चेहरा पे, हो जाई लाल-पीला नीला भौंर भौंर नाचत बा हम, तू भी आ जा ना पास होली खेलत बा आज, दिलवा के रंगवा डाल दा सैंया! (पहिला अंतरा) पिचकारी भर के मारत बाड़ू, पानी के धार से तोहरा साड़ी भिज गइल, अब चिपक गइल बा तन से भाभी जी हँसत बाड़ी, देवर जी छेड़त बाड़े होली के बहाना से, सब कुछ होत बा मस्ती में (कोरस) होली में रंग डाल दा सैंया... ढोल बजावत बा, नाचत बा पूरा गाँव रंगवा उड़ावत बा, आकाश में रंगीन बादल (दूसरा अंतरा) लहंगा लाल हो जाई, चोली भीग गइल बा तोहरा आँख में देख के, दिल हमार धड़कत बा अब ना छोड़ब तुझे, होली के दिन में एक बार गले लगा के, बोल दा "प्यार हो गइल बा" (थर्ड अंतरा - मस्ती वाला) भैंजा-भाभी सब मिल के, अब ठुमका लगावत बाड़े पिचकारी से मार के, रंगवा चढ़ावत बाड़े ए साली हो, ए भौजी हो, ए देवर जी आ जा होली खेल के मजा लूट ला, अब रात भर जाग जा! (आउट्रो - तेज) होली होली होली... रंगवा रंगवा रंगवा! अब सब मिल के चिल्लाव: होली है! 🎊💥 बाकी साल के गम भुला दा, आज बस मस्ती कर दा!

