
टूटा दिल है तो क्या खेलेंगे हम भी होली अतीत की यादों के संग उदासी रंग भर तन्हाई झोली बेरंग होली… बेरंग होली… रंगों की भीड़ में खोए हम आज भी अकेले हँसते चेहरों के पीछे छुपे हैं दर्द के मेले सूनी सी पिचकारी सूना हर इक गुलाल भीगती नहीं ये पलके सूखा है हर ख्याल बेरंग होली… बेरंग होली… टूटा दिल है तो क्या खेलेंगे हम भी होली अतीत की यादों के संग उदासी रंग भर तन्हाई झोली बेरंग होली… बेरंग होली… तेरे संग थी जो हँसी अब गूंजती है यादों में नाम तेरा ही लिखता दिल भीगे ख़ामोश फ़सानों में सबको लगे त्योहार मेरे लिए बस शोर दिल पे जमी है चुप्पी आँखों में टूटा दौर बेरंग होली… बेरंग होली… टूटा दिल है तो क्या खेलेंगे हम भी होली अतीत की यादों के संग उदासी रंग भर तन्हाई झोली बेरंग होली… बेरंग होली… ना रंग भाये है कोई ना मन में उमंग है भीतर ही भीतर सुलगे खामोश सी तरंग है लिखने वाले ने निर्गुण क्यों किस्मत ऐसी लिखी टूटे अरमानों वाली ये होली कितनी फिकी बेरंग होली… बेरंग होली… टूटा दिल है तो क्या खेलेंगे हम भी होली अतीत की यादों के संग उदासी रंग भर तन्हाई झोली बेरंग होली… बेरंग होली…

