"चलते रहो"। रास्ते चाहें मुश्किल हों, कदम कभी न रुकने दो। आँधी आए, तूफ़ान आए, हिम्मत को मत झुकने दो। हर सुबह नया पैगाम लाए, हर सपना आवाज़ लगाए। दिल में जो विश्वास जले, वही मंज़िल तक पहुँचाए। चलते रहो, बढ़ते रहो, अपने सपनों से जुड़ते रहो। हार अगर मिल भी जाए, फिर भी हँसकर लड़ते रहो। आसमान भी झुक जाएगा, जब इरादा मज़बूत होगा। आज नहीं तो कल, सपना पूरा होगा।मेहनत की हर एक बूँद, कल बन जाएगी पहचान। छोटे-छोटे हर कदम से, बन ती है ऊँची उड़ान। दुनिया चाहे कुछ भी बोले, तू अपनी राह बनाता चल। हर अँधेरी रात के बाद, सूरज बनकर तू ही आता चल। गिरने से मत डर, गिरकर उठना ही तो जीत है। जो खुद पर विश्वास करे, उसके हाथ में तक़दीर है। चलते रहो, बढ़ते रहो, अपने हौसलों को थामे रहो। हर मुश्किल आसान होगी, बस उम्मीद जगाए रखो। मंज़िल तेरे कदम चूमेगी, जब तू खुद पर यक़ीन करेगा। तेरी मेहनत, तेरी लगन, एक दिन इतिहास लिखेगी।


