जय जय दुर्गा भवानी, जग की तू महारानी, तेरे चरणों में माँ, झुकती दुनिया सारी। सिंह सवारी करके, तू जग में आई, तेरी ज्योति से माँ, हर राह जगमगाई। जय जय दुर्गा भवानी, जय माँ शेरावाली, तेरी कृपा से माँ, भर दे झोली खाली। लाल चुनरिया ओढ़े, माथे मुकुट सजाए, अष्ट भुजाओं वाली, संकट दूर भगाए। त्रिशूल और तलवार, हाथों में तेरे चमके, तेरा नाम जो ले माँ, उसके भाग्य दमके। जय जय दुर्गा भवानी, जय माँ शेरावाली, तेरी कृपा से माँ, भर दे झोली खाली। जब भी अँधियारा छाए, तू दीप बनकर आए, टूटे हुए दिलों को, माँ आकर गले लगाए। तेरी ममता की छाया, सबसे प्यारी माँ, तेरे चरणों में मिलती, जीवन की खुशियाँ सारी माँ। जय जय दुर्गा भवानी, जय माँ शेरावाली, तेरी कृपा से माँ, भर दे झोली खाली। हे माँ जगदंबे मेरी, रखना हाथ सिर पर, भक्ति रहे ये मन में, हर पल तेरे दर पर। जनम-जनम मैं गाऊँ, तेरी ही अमर कहानी, तेरे नाम से रोशन, मेरी दुनिया सुहानी। जय जय दुर्गा भवानी, जय माँ शेरावाली, तेरी कृपा से माँ, भर दे झोली खाली। 🙏🌺


