जय जगत जय जगत, प्रकाश जा, सिर अमर ये वार जा। सबके हित के वास्ते, अपना सुख बिसार जा। जय जगत! प्रेम की पुकार हो, सबका सबसे प्यार हो, जीत हो, जहाँ की, वहाँ किसी की हार हो। जय जगत! मेरा मुल्क मेरा देश मेरा मुल्क, मेरा देश, मेरा देश, यह वतन, शांति का, उन्नति का। प्यार का चमन, नील मुल्क, मेरा यह देश, मेरा यह वतन, शांति का, उन्नति का, प्यार का चमन। इसी के वास्ते निहार है, मेरा तन, मेरा मन से वतन, ये वतन से वतन, जनगण, जनगण, जनगण मेरा मुल्क, मेरा देश, मेरा यह वतन, शांति का, उन्नति का, प्यार का चमन।