
राखी का प्यारा बंधन राखी आई, खुशियाँ लाई, भाई-बहन की प्रीत सजाई। जितेंद्र की कलाई पर प्यार सजे, गीता के संग ये रिश्ते खिले। भूपेंद्र की हँसी, अनीता का प्यार, राजेंद्र के संग खुशियों की बहार। सुनीता की दुआएँ रहें हर पल साथ, राखी का बंधन रहे यूँ ही खास। रिश्तों की डोर कभी न टूटे, प्यार हमारा कभी न रूठे। राखी के इस पावन त्योहार, सदा रहे अपनों का प्यार। ❤️

