अंतरा 1 माँ कहती हैं तू सितारा बनेगा, बापू कहते हैं तू उजाला बनेगा, पर ये कोई कैसे बताए, कि मेरा रस्ता है कहाँ? कोरस दोस्त सभी हैं सपने लिए, हर दिल में कोई अफसाना पिए, कल क्या बनूँगा, क्या होगा मेरा, हर एक नज़र में है ये पूछता सवेरा। अंतरा 2 कोई डॉक्टर तो कोई लेखक होगा, कोई अपने घर का रक्षक होगा, पर मैं तो इक ख्वाब देखूं, जो सबके दिलों में जगाए उम्मीदें। माँ कहती हैं तू सितारा बनेगा, बापू कहते हैं तू उजाला बनेगा, पर ये कोई कैसे बताए, कि मेरा रस्ता है कहाँ? अंतरा 3 मेरा सपना है बस एक दुनिया, जहाँ हर चेहरा मुस्कुराए खुल के, नफरत न हो, बस प्यार की बातें, हर सासों में हों मीठी मुलाक़ातें। आउट्रो शायद ये कोई काम न लगे, पर दिलों में हो अगर नाम मेरा, तो समझो मैंने वो कर दिखाया, जो हर पापा का हो सपना सवेरा।