[Verse 1] मेरी बातें और मैं ख्वाबों से भारी मेरी यह दुनिया अलग है मैं रोती कभी हँसती बातें बनाती बातों को सुधारती बहुत कुछ सीखना चाहती [Pre-Chorus] बहुत से एहसासों से गुजरता मेरा यह मन मुझसे ही बगावत कर बैठता है कर बैठता है [Chorus] मेरी बातें और मैं मेरी बातें और मैं मेरा ही मन मेरा नहीं मेरी बातें और मैं मेरी बातें और मैं मैं क्या हूँ उसके लिए वही जाने कहीं [Verse 2] मेरी राहें तो मुझसे जुड़ी हैं मगर यह मन मेरा होकर भी मेरा नहीं मेरी बातों से उलट यह सोचता है मेरी सोच से उलट इसकी दुनिया है [Pre-Chorus] बहुत से एहसासों से गुजरता मेरा यह मन मुझसे ही बगावत कर बैठता है कर बैठता है [Chorus] मेरी बातें और मैं मेरी बातें और मैं मेरा ही मन मेरा नहीं मेरी बातें और मैं मेरी बातें और मैं मैं क्या हूँ उसके लिए वही जाने कहीं [Bridge] कभी मैं पास बुलाऊँ तो दूर चला जाए कभी मैं खुद को समझूँ तो खुद से लड़े जाए एक अजनबी सा साया मेरे भीतर बोलता और मेरे ही सवालों का उत्तर टालता [Final Chorus] मेरी बातें और मैं मेरी बातें और मैं मेरा ही मन मेरा नहीं मेरी बातें और मैं मेरी बातें और मैं मैं क्या हूँ उसके लिए वही जाने कहीं मेरी बातें और मैं मेरी बातें और मैं ख्वाबों से भारी मेरी यह दुनिया