
तेरी यादें अब ज़हर सी लगती हैं, फिर भी इन्हें छोड़ नहीं पाते… जिसे जान से ज़्यादा चाहा था, उसी को अपना बना नहीं पाते… अब हर रात रोकर गुजरती है, और हर सुबह दर्द दे जाती है… तेरे बिना ये जिंदगी, बस सांसें चलाती जाती है… तू खुश है किसी और के साथ, और हम आज भी तन्हा बैठे हैं… दिल तो कब का टूट चुका है, बस चेहरे पर नकाब पहने हैं… कभी सोचा नहीं था कि, इतना बदल जाएगा तू… जो कहता था “मर जाऊँगा तेरे बिना”, वो आज जी रहा है बेफिक्र यूँ… हमने तो दिल दिया था तुझे, तूने दर्द का सौदा कर लिया… और जिस मोहब्बत पर नाज़ था हमें, उसे तूने अधूरा कर दिया… 💔

