
[Intro] सूरत शहर का शोर ऑफिस की भागदौड़ मैनेजर की डांट और दिल का बोझ [Verse 1] कितनी दूर आ गया हूँ घर से पर अपना सा कोई नहीं काम का बोझ कंधों पर और तानों में भी कमी नहीं आज तो हद हो गई अब कहाँ जाऊँ मैं नाका वाले बालाजी बस तुमसे ही कहूँ मैं [Pre-Chorus] हाथ जोड़ के बैठा हूँ आँखें कर ली हैं बंद दूर देश की इस थकान में दे दो थोड़ा सा संबल अर्जी मेरी सुन लो द्वार तुम्हारे आ खड़ा पियूष शर्मा की लाज रखो संकट से कर दो पार [Chorus] नाका वाले बालाजी मेरी बिगड़ी बना दे नाका वाले बालाजी सूरत में राह दिखा दे बाबा मेरी पुकार सुनो इस भंवर से पार लगा दे नाका वाले बालाजी मेरी बिगड़ी बना दे [Verse 2] दूर देश में बैठा हूँ अपनों की याद आती है मुश्किल की हर साँस में तेरी ही छवि आती है मैनेजर की बातें जैसे ज़हर सी लगती हैं आँखों से मेरे बाबा ये पीड़ा बहती है [Pre-Chorus] भरोसा है तुझ पर तू ही मेरा सहारा तेरे दर के सिवा मुझे ना दिखता कोई किनारा अर्जी मेरी थाम लो मत छोड़ो इस बार पियूष शर्मा की सुन लो हे संकट मोचन सरकार [Chorus] नाका वाले बालाजी मेरी बिगड़ी बना दे नाका वाले बालाजी सूरत में राह दिखा दे बाबा मेरी पुकार सुनो इस भंवर से पार लगा दे नाका वाले बालाजी मेरी बिगड़ी बना दे [Bridge] तेरी शक्ति के आगे मुसीबतें छोटी लगें टूटी हुई उम्मीदों के फिर से दीपक जलें तूने ही तो बदली हैं कितनों की तकदीरें अब मेरी भी झोली में भर दे नई तस्वीरें [Chorus] नाका वाले बालाजी मेरी बिगड़ी बना दे नाका वाले बालाजी सूरत में राह दिखा दे बाबा मेरी पुकार सुनो इस भंवर से पार लगा दे नाका वाले बालाजी मेरी बिगड़ी बना दे [Outro] हे बालाजी महाराज मेरी अर्जी स्वीकार करो नाका वाले बालाजी मेरी सहायता करो जय श्री राम जय हनुमान

